भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ मर्यादित (ट्राईफेड) की 6 अगस्त, 1987 को स्थापना की गई और इसका बहुराज्यीय सहकारी समितियाँ अधिनियम1984 के अर्तगत पंजीकरण किया गया (जो अब बहुराज्यीय सहकारी समितियाँ अधिनियम, 2002 है)। ट्राईफेड ने भारत सरकार के कल्याण मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में वर्ष 1988 से कार्य करना प्रारंभ किया (जो अब भारत सरकार का जनजातीय कार्य मंत्रालय है)।
ट्राईफेड का मुख्य उद्देश्य आदिवासी उत्पादों के विपणन विकास के क्रियान्वयन के लिए आपसी सहयोग तथा लोकतांत्रिक तरीके से स्व-सहायता व अपने आयोजनों में बृतिकों के माध्यम से अपने सदस्यों की आर्थिक समुन्नति एवं समाज के लिए एक राज्य से अधिक राज्यों में अपने सदस्यों के हित को मजबूत करना है।
नई बहुराज्यीय सहकारी समितियाँ अधिनियम, 2002 के प्रचलन में आने के पश्चात, ट्राईफेड ने अपने बाय- लाज में संशोधन किया जो 02-04- 2003 से प्रभावी हुए और अधिशेष कृषि उत्पाद एवं लघु वन उपज उत्पाद की बिक्री तथा खरीदी के लिए अपनी पूर्व गतिविधियों के स्थान पर आदिवासी उत्पादों के लिए एक बाजार विकासकर्ता एवं संयोजक,सुविधा प्रदाता, सेवा प्रदाता के रुप में कार्य प्रारंभ किया ।
ट्राईफेड का पंजीकृत मुख्य कार्यालय नई दिल्ली में स्थित है और देश के विभिन्न स्थानों पर 13 क्षेत्रीय कार्यालय हैं और एक केन्द्रीय गोदाम दिल्ली में है। ट्राईफेड "ट्राइब्स इंण्डिया "नाम के ब्रांण्ड के अंर्तगत स्वयं के 27 शोरुम है एवं कन्साइनमेंट के आधार पर 14राज्यों के एम्पोरियमों के माध्यम से आदिवासी उत्पादों का भी खुदरा विपणन कर रहा है।
संगठनात्मक ढांचा
मुख्यालय
निदेशक मंडल
अध्यक्ष/उपाध्यक्ष
प्रबंध निदेशक
(श्री जिजि. थॉमसन)
बोर्ड के सचिव एवं कार्यकारी निदेशक
(श्री आर.एस.मीना)
कार्यकारी निदेशक, रिक्त
विशेष कार्य अधिकारी एवं महाप्रबंधक
(श्री एस.के.गुलैया)
एम.एफ.पी एवं आर एण्ड डी
(श्री आर.के.सिंह)
विपणन विकास
(श्री अमित भटनागर)
वित्त एवं लेखा
(श्री संजीव माथुर)
हस्तकला एवं आय सर्वधन
(श्री एस.एस. मैती)
कार्मिक, विधि एवं सर्तकता
(श्री सी.डी.गोस्वामी)
एम.आई.एस., प्रशासनिक एवं हिन्दी अनुभाग
(श्री एस. शर्मा)
सभी क्षेत्रीय कार्यालय


