दुनियाँ भर में मंदी व औद्योगिक रुग्णता, प्राकृतिक आपदाएँ इस क्षेत्र पर होने के बावजूद देश के लगभग 8 मिलियन शिल्पकारों को दोनों प्रकार के रोजगार (पूर्णकालिक एवं अंशकालिक) उपलब्ध कराने के अलावा विदेशी मुद्रा अर्जन एवं निर्यात के मामलों में संतुलित बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है जो हाशिए की आबादी के तौर पर सामाजि…क एवं आर्थिक रूप से गरीबी के एक बड़े भाग से संबंधित है।
वर्तमान में शिल्प व्यवसायी देश के कुल गृह उद्योग के 1/5 हिस्से पर काबिज हैं। लेकिन दुर्भाग्यवश इस व्यवसाय से अर्जित धन शिल्पकारों और कलाकारों तक पर्याप्त रुप से पहुंच नही पा रहा है और बहुधा समय के बदलाव के साथ-साथ उन्हें विपणन के जोखिम और पर्याप्त कमाई के लिए व्यापारी एवं निर्यातक दोनों के लिए विचौलियों की दया पर ही भरोसा करना पड़ता है। इस व्यवसाय में लगे हुए आदिवासी कलाकारों और शिल्पियों को बढ़ावा देने के साथ- साथ इस समस्या के समाधान और बचाव के लिए ट्राईफेड ने डिजाईन विकास कार्यशाला और कौशल उन्नयन प्रशिक्षण का क्रियान्वयन करने की परिकल्पना की है।
ट्राईफेड के उद्देश्यों के अनुसार वंचित समुदायों के हस्तशिल्प कलाकारों में से लक्षित लाभार्थी आदिवासी कलाकार हैं। ये आदिवासी लाभार्थी अपनी कुटुम्ब व्यवस्था में व्यक्तिगत तौर पर हस्तशिल्प गतिविधि को आगे बढ़ाते हैं। इस प्रकार उन्हें उत्पादन से लेकर बेचने तक आने वाले खर्चे में कमी हो साथ ही उनके परिवार की आय में इजाफ़ा हो। अतः उन्हें निर्माता समूह में सम्मिलित कर एक मंच प्रदान करना आवश्यक है ताकि वे ट्राईफेड के सहित सरकारी संगठनों द्वारा किये गये विभिन्न प्रकार के हस्तक्षेपों से शक्ति लाभ पा सकें। इस दिशा में ट्राईफेड निम्न प्रकार की गतिविधियों को क्रियान्वित कर रही है।
1. आदिवासी कलाकारों के लिए डिजाइन विकास कार्यशाला और कौशल उन्नयन प्रशिक्षण।
2. आदिवासी कलाकारों का दूसरे संगठनों के साथ तालमेल कराना और उन्हें तकनीकी एवं विपणन सहायता देना ।
3. बाजार के परीक्षण और वरीयता के अनुसार वर्तमान डिजाईन की प्र…वृत्ति का प्रशिक्षण उपल्बध कराने के लिए प्राथमिक डिजाईन संस्थाओं के साथ सहयोग करना।
4. संस्थागत जनजातीय कलाकार समूह महासंघ के रुप में।


